तेरे सिवा कोई और इन अश्कों के क़ाबिल भी तो नहीं: Saleem Khan



हमें भी आरज़ू थी तेरे संग ज़िन्दगी बिताने की
पर 'आरज़ू', साथ तेरा हमने पाया भी तो नहीं



माना कि ज़िन्दगी में बहुत बहाने हैं, आंसू बहाने के लिए
पर तुने जैसे रुलाया है, पहले किसी ने रुलाया भी तो नहीं


ऐसा नहीं कि तेरे आने से पहले, हम कभी मुस्कुराये न थे
पर तेरे जाने के बाद वैसे किसी ने हंसाया भी तो नहीं


भटकते रहे इस दुनिया में हमसफ़र की तलाश में
पर तुझ जैसा हमसफ़र फिर दोबारा मिला भी तो नहीं


तेरी यादों की शहादत मेरे अश्क देते हैं 'ए आरज़ू'
तेरे सिवा कोई और इन अश्कों के क़ाबिल भी तो नहीं

5 टिप्पणियाँ:

वन्दना ने कहा…

sundar prastuti.

Suman ने कहा…

nice

Kulwant Happy ने कहा…

दिल छूती रचना।

Rajey Sha ने कहा…

सलीम जी हमें पता है ये फोटो अक्षय कुमार का है।

sonu ने कहा…

ऐसा नहीं कि तेरे आने से पहले, हम कभी मुस्कुराये न थे
पर तेरे जाने के बाद वैसे किसी ने हंसाया भी तो नहीं
nice

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