तुम चली गयीं तो जैसे रौशनी चली गयी, ज़िन्दा होते हुए भी जैसे ज़िन्दगी चली गयी !


तुम चली गयीं तो जैसे रौशनी चली गयी
ज़िन्दा होते हुए भी जैसे ज़िन्दगी चली गयी

मैं उदास हूँ यहाँ और ग़मज़दा हो तुम वहाँ
ग़मों की तल्खियों में जैसे हर ख़ुशी चली गयी

महफ़िल भी है जवाँ और जाम भी छलक रहे
प्यास अब रही नहीं जैसे तिशनगी चली गयी

दुश्मनान-ए-इश्क़ भी खुश हैं मुझको देखकर
वो समझते है मुझमें अब दीवानगी चली गयी

तुम जो थी मेरे क़रीब तो क्या न था यहाँ 'सलीम'
इश्क़ की गलियों से अब जैसे आवारगी चली गयी

23 टिप्पणियाँ:

बेहतरीन ग़ज़ल| कमाल है .......दिल से मुबारकबाद|

बहुत ही सुंदर .... एक एक पंक्तियों ने मन को छू लिया ...

क्षितिजा .... ने कहा…

मैं उदास हूँ यहाँ और ग़मज़दा हो तुम वहाँ
ग़मों की तल्खियों में जैसे हर ख़ुशी चली गयी...
बहुत खूब ...


तुम जो थी मेरे क़रीब तो क्या न था यहाँ 'सलीम'
इश्क़ की गलियों से अब जैसे आवारगी चली गयी ..
वाह ...

बहुत अच्छी तासीर ग़ज़ल की ...

sada ने कहा…

बहुत ही सुन्‍दर पंक्तियां .....बेहतरीन अभिव्‍यक्ति ।

सलीम ख़ान ने कहा…

@संजय भास्कर जी, आपका बहुत-बहुत शुकिया !

सलीम ख़ान ने कहा…

क्षितिजा जी, आपका बहुत-बहुत शुकिया !

सलीम ख़ान ने कहा…

sada जी, आपका बहुत-बहुत शुकिया !

KHURSHEED ने कहा…

ek achhci rachna ke liye dil se mubaraqbad

EJAZ AHMAD IDREESI ने कहा…

सलीम भाई ग़ज़ब का दर्द छुपाये हो दिल में कभी मुलाक़ात होगी तो पूछूँगा की कितना दर्द है और क्यों है
हमेशा की तरह एक अच्छी प्रस्तुति

EJAZ AHMAD IDREESI ने कहा…

दुश्मनान-ए-इश्क़ भी खुश हैं मुझको देखकर
वो समझते है मुझमें अब दीवानगी चली गयी

waah

darde dil ko bayan karti ek ghazal

Nice poem.

mahendra verma ने कहा…

इश्क की गलियों से अब जैसे आवारगी चली गई...

सुंदर और भावमयी ग़ज़ल।

सलीम ख़ान ने कहा…

@Zakir bhai dhanywad!

सलीम ख़ान ने कहा…

@verma jee aapka bahut bahut shukriya!

DR. ANWER JAMAL ने कहा…

आपकी दावत पर तो आए थे हम ।
आप कहते हैं कि जिंदगी चली गई ।।

Shah Nawaz ने कहा…

तुम चली गयीं तो जैसे रौशनी चली गयी
ज़िन्दा होते हुए भी जैसे ज़िन्दगी चली गयी


बेहद खूबसूरत ग़ज़ल! बेहतरीन!


प्रेमरस.कॉम पर
दैनिक जागरण में: हिंदी से हिकारत क्यों

kshama ने कहा…

तुम जो थी मेरे क़रीब तो क्या न था यहाँ 'सलीम'
इश्क़ की गलियों से अब जैसे आवारगी चली गयी
Behad khoobsoorat gazal kahee hai aapne!

सलीम ख़ान ने कहा…

@aNWAR BHAI SHUKRIYA APKA

सलीम ख़ान ने कहा…

@SHAHNAWAZ BHAI AAPKA SHUKRIYA !

सलीम ख़ान ने कहा…

@KSHAM JEE AAPKA SHUKRIYA

Udan Tashtari ने कहा…

वाह सलीम भाई, कमाल की गज़ल निकाली है. आनन्द आ गया.

सलीम ख़ान ने कहा…

sameer sir jee aap is nacheez ke blog par aaye AAPKA BAHUT BAHUT SHUKRIYA !

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