ज़िन्दगी की आरजू........!

बार आरज़ू ने ज़िन्दगी से पूछा कि मैं कब पूरी होउंगी?
ज़िन्दगी ने जवाब दिया- 'कभी नहीं'।

आरज़ू ने घबरा कर फ़िर पूछा- 'क्यूँ?'

तो ज़िन्दगी ने जवाब दिया 'अगर तू ही पूरी हो गई तो इंसान जीएगा कैसे?!'

ये सुन कर आरज़ू बहुत मायूस हो गई और अपने आँचल के अन्दर मुहं छुपाकर सुबक सुबक कर रोने लगी

3 टिप्पणियाँ:

deepak saini ने कहा…

सलीम भाई,
आज पहली बार आपको पढा है बहुत अच्छा लगा।

आरजू कभी पूरी नही होती

sada ने कहा…

बहुत ही सुन्‍दर शब्‍दों के साथ बेहतरीन प्रस्‍तुति ।

M VERMA ने कहा…

आरजू के अधूरेपन तक ही जिन्दगी है.
बहुत सुन्दर पोस्ट

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